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बरसात में बिजली की सुरक्षा: पहली बारिश से पहले क्या जाँचें

सीली दीवारें, भीगे स्विचबोर्ड और झटका देने वाला पंप — बरसात में छोटी-सी वायरिंग की खराबी खतरनाक बन जाती है। पहली तेज़ बारिश से पहले क्या देखें, और कौन-से संकेत पर उस सर्किट को तुरंत बंद कर देना चाहिए।

जून के आखिरी हफ्ते से हमारी बिजली वाली कॉल का रूप ही बदल जाता है। अप्रैल-मई में पंखे, कूलर और एसी। बारिश शुरू होते ही नल से झटका, बार-बार ट्रिप होता मेन, जले स्विचबोर्ड और न चलने वाले पंप। ये खराबियाँ रातोंरात नहीं आतीं — पूरी गर्मी घर में मौजूद रहती हैं, नमी सिर्फ़ उन्हें उजागर कर देती है।

नमी दो काम करती है। एक, करंट को ऐसा रास्ता दे देती है जो कभी बनाया ही नहीं गया था — गीली दीवार, प्लास्टर या लोहे के फ्रेम से होकर। दूसरा, हर जोड़ पर जंग तेज़ कर देती है।

कुछ भी छूने से पहले

आगे बताई हर जाँच की शुरुआत एक ही तरह से होती है — मेन से बिजली बंद करें, और गीले हाथ, गीले पैर या सीली फर्श पर खड़े होकर बिजली का काम कभी न करें। अगर बोर्ड या दीवार सच में भीगी है तो उसे चालू हालत में कपड़े से पोंछने की कोशिश न करें।

एक सीमा भी है जिसे पार नहीं करना चाहिए। मीटर, आने वाली सप्लाई केबल, मेन स्विच और डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड के अंदर का काम लाइसेंसधारी इलेक्ट्रीशियन का है। वहाँ घर के स्विच बंद होने पर भी बिजली रहती है।

तुरंत बंद करें: अगर नल, मिक्सर, फ्रिज, गीज़र या पंप से हल्का-सा भी झटका लगे, तो उस सर्किट में करंट लीक हो रहा है और अर्थिंग उसे निकाल नहीं पा रही। उस सर्किट को बोर्ड से बंद कर दें और जाँच होने तक चालू न करें। सूखे मौसम का हल्का झटका गीली फर्श पर जानलेवा बन जाता है।

सीली दीवार और लीकेज

सासाराम और डेहरी-ऑन-सोन के पुराने घरों में छुपी वायरिंग अक्सर बाहरी दीवार से जाती है, और बरसात में वह दीवार हफ्तों नम रहती है। अगर कहीं तार का इंसुलेशन पुराना है या कभी कील-ड्रिल से कट गया था, तो गीला प्लास्टर करंट को रास्ता दे देता है।

शुरुआती संकेत छोटे होते हैं — पंप चलते ही लाइट मद्धिम पड़ना, बोर्ड का सिर्फ़ बारिश के बाद ट्रिप होना, स्विचबोर्ड के पास हल्की गंध या भनभनाहट। इन्हें सहने की चीज़ न समझें।

अगर दीवार में सीलन साफ़ दिखती है तो पहले पानी रोकें। सीलन ठीक किए बिना वायरिंग बदलवाना दो साल में दोबारा वही खर्च है — यह सच बताना हमें ज़रूरी लगता है, भले काम टल जाए।

अर्थिंग — जो दिखती नहीं

अर्थिंग ही खराबी को जानलेवा होने से बचाती है। अगर फेज़ का तार पंप या गीज़र की बॉडी से छू जाए, तो अच्छी अर्थिंग करंट को इतनी तेज़ी से ज़मीन में भेजती है कि प्रोटेक्शन तुरंत गिर जाए। कमजोर अर्थिंग में बॉडी करंट लिए खड़ी रहती है।

दिक्कत यह है कि अर्थिंग चुपचाप खराब होती है — इलेक्ट्रोड में जंग, पिट का ढीला कनेक्शन, मरम्मत के दौरान कटा अर्थ तार। घर चलता रहता है, इसलिए किसी को पता नहीं चलता।

दो काम करें। बरसात से पहले अर्थिंग की जाँच कराएँ — देखना नहीं, टेस्ट। और पंप, गीज़र तथा लोहे की बॉडी वाले उपकरणों पर अर्थ तार सच में जुड़ा है या नहीं, यह खुद पक्का करें।

ELCB या RCCB क्यों ज़रूरी है

MCB तारों को ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट से बचाता है, इंसान को नहीं। गीली फर्श पर खड़े आदमी से गुजरने वाला करंट MCB गिराने के लिए बहुत कम होता है।

ELCB/RCCB दूसरा काम करता है — जाने वाले और लौटने वाले करंट की तुलना करता है, और अगर कुछ करंट कहीं और जा रहा है तो पल भर में सप्लाई काट देता है। लंबी नमी, पानी के पास मोटर और पुरानी वायरिंग वाले हमारे इलाके में यह सबसे काम का सुरक्षा उपकरण है।

यह बोर्ड में इलेक्ट्रीशियन ही लगाएगा, और इसका चुनाव आपके घर के हिसाब से होगा। इसका टेस्ट बटन महीने में एक बार दबाएँ — न गिरे तो वह बचा नहीं रहा। और अगर बरसात में बार-बार गिरे तो वह खराब नहीं है, सच में कोई लीक पकड़ रहा है। उसे हटाकर सादा MCB लगवाना सबसे खतरनाक काम है।

स्विचबोर्ड और बाहरी पॉइंट के पास पानी

  • टपकती छत, बारिश आने वाली खिड़की या एसी की ड्रेन पाइप के ठीक नीचे लगे स्विचबोर्ड।
  • बाहर लगे लाइट या मोटर के पॉइंट जिनके बॉक्स का ढक्कन टूटा या गायब है।
  • बाथरूम और सिंक के पास के सॉकेट जिन पर छींटे पड़ते हैं।
  • बाहरी दीवार पर धूप से फटे इंसुलेशन वाले तार।
  • टेप से किया गया कोई भी अस्थायी कनेक्शन जो पक्का नहीं कराया गया।
  • फर्श पर पड़े एक्सटेंशन बोर्ड — पानी सबसे पहले वहीं पहुँचता है।

ढीले जोड़ दूसरा चुपचाप खतरा हैं। ढीला जोड़ लोड पड़ते ही गर्म होता है, और गर्मी के साथ नमी इंसुलेशन जला देती है। स्विच प्लेट गर्म लगे, प्लग की पिन काली पड़े या सॉकेट का एक छेद जलने लगे — जोड़ पहले ही बिगड़ चुका है।

बिजली गिरना और सर्ज

हमारे यहाँ बरसात में तेज़ बिजली कड़कती है, पर नुकसान सीधे गिरने से कम होता है। ज़्यादातर नुकसान लाइन से आने वाले सर्ज से होता है, जो टीवी, फ्रिज का बोर्ड, इन्वर्टर, राउटर या मोटर स्टार्टर जला देता है। लंबे कट के बाद झटके से लौटने वाली सप्लाई भी वैसा ही नुकसान करती है।

तेज़ गरज के समय महँगे उपकरण सिर्फ़ स्विच से बंद न करें, प्लग निकाल दें। संवेदनशील उपकरण स्टेबलाइज़र पर रखें। और अगर वायरिंग का काम करा ही रहे हैं तो बोर्ड पर सर्ज प्रोटेक्शन के बारे में इलेक्ट्रीशियन से पूछें।

पंप और मोटर

बरसात की सबसे ज़्यादा मार पंप पर पड़ती है — स्टार्टर में नमी, टर्मिनल पर जंग, पंप की बॉडी की अर्थ गल जाना और बोर के पास पानी में पड़ा केबल जोड़। जुलाई से सितंबर के बीच झटके की सबसे आम शिकायत यही मोनोब्लॉक पंप वाली होती है।

देखें कि स्टार्टर सूखी दीवार पर ठीक से बंद लगा हो, केबल की एंट्री नीचे की ओर और सील हो, अर्थ तार पंप की बॉडी में कसकर बोल्ट किया हो, और चालू करने के लिए किसी को पानी में खड़ा न होना पड़े। पंप गुनगुनाए पर चले नहीं तो बार-बार चालू करने की कोशिश न करें, वाइंडिंग जल जाती है।

ये दिखे तो इलेक्ट्रीशियन तुरंत बुलाएँ

  • किसी उपकरण, नल या दीवार से झटका।
  • बारिश होते ही ट्रिप होता या रीसेट न होता ब्रेकर।
  • जलने की गंध, काले निशान, गर्म स्विच या सॉकेट।
  • पूरे घर की लाइट का टिमटिमाना।
  • पंप का सप्लाई गिराना या झटका देना।
  • बोर्ड, सॉकेट या बाहरी बॉक्स के अंदर दिखता पानी।

छठ और दीवाली से पहले जब घर में रंग-रोगन और लाइटिंग होती है, तब पुरानी वायरिंग पर नया लोड डालने से बेहतर है पूरी जाँच करा लेना। हमारे बिजली के काम सेवाएँ पेज पर हैं और मौजूदा दाम रेट लिस्ट पर — GST अलग, स्पेयर पार्ट्स बताकर असल दाम पर, और 5 किलोमीटर से आगे यात्रा शुल्क। हर काम का बिल मिलता है।

हम सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन, बिक्रमगंज, नोखा, मोहनिया, भभुआ, कुदरा, औरंगाबाद और दाउदनगर में काम करते हैं। रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद में उसी दिन की विज़िट मिलती है, बाकी जगह समय तय करके। बुकिंग के लिए संपर्क पेज देखें या 96315 11974 पर सुबह 8:00 से शाम 6:30 के बीच फोन करें। ऑनलाइन बुकिंग पर एक घंटे में कॉल आती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्योंकि नमी करंट को सर्किट से बाहर निकलने का रास्ता दे देती है। गीली दीवार, भीगा बाहरी पॉइंट, जंग लगा पंप टर्मिनल या पुराना इंसुलेशन — नमी में इनसे लीक बढ़ जाता है और ब्रेकर उसे पकड़ लेता है। यह सच्ची खराबी है। बार-बार रीसेट करने के बजाय सर्किट की जाँच कराएँ।

हाँ। झटके का मतलब है कि करंट धातु तक पहुँच रहा है और अर्थिंग उसे निकाल नहीं पा रही — आमतौर पर गीज़र, पंप या सीली वायरिंग से। गीली फर्श पर वही लीक बड़ा झटका बन सकता है। उस सर्किट को बोर्ड से बंद करें और अर्थिंग की जाँच कराने के बाद ही चालू करें।

हमारे हालात में हाँ। MCB तार बचाता है, आदमी नहीं। RCCB गीली दीवार या इंसान से होकर ज़मीन में जाते करंट को पकड़कर पल भर में सप्लाई काट देता है। लंबी नमी, पानी के पास मोटर और पुरानी वायरिंग वाले इलाके में यह सबसे काम का सुरक्षा उपकरण है। महीने में एक बार टेस्ट बटन दबाएँ।

ज़्यादातर नुकसान सीधे बिजली गिरने से नहीं, सप्लाई लाइन से आने वाले सर्ज से होता है। तेज़ गरज के समय टीवी, फ्रिज, इन्वर्टर और राउटर का प्लग निकाल दें, सिर्फ़ स्विच बंद करना काफ़ी नहीं। संवेदनशील उपकरण स्टेबलाइज़र पर रखें, और वायरिंग का काम करा रहे हों तो बोर्ड पर सर्ज प्रोटेक्शन के बारे में पूछें।

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