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वॉशिंग मशीन से पानी नहीं निकल रहा या स्पिन नहीं हो रहा?

ड्रम में पानी भरा है और मशीन स्पिन नहीं कर रही — ज़्यादातर मामलों में कारण पाँच में से एक होता है, और दो तो आप खुद बीस मिनट में ठीक कर सकते हैं। टेक्नीशियन बुलाने से पहले पहचान ऐसे करें।

हर हफ्ते यही कॉल आती है। वॉश साइकिल पूरा हो गया, मशीन रुक गई, पर ड्रम में गंदा पानी भरा रह गया। या पानी तो निकल गया पर कपड़े भीगे ही निकले क्योंकि स्पिन ठीक से हुआ ही नहीं।

ड्रेन और स्पिन आपस में जुड़े हैं। लगभग हर मशीन में जब तक पानी बाहर नहीं जाता, स्पिन शुरू ही नहीं होता। इसीलिए ड्रेन की खराबी घर वालों को स्पिन की खराबी लगती है।

कुछ भी खोलने से पहले

मशीन को दीवार के सॉकेट से बंद करें, सिर्फ़ मशीन के बटन से नहीं। हाथ पानी और पंप के पास जाएँगे, और बिजली कभी भी लौट सकती है। एक बाल्टी, चौड़ी प्लास्टिक ट्रे और पुराना तौलिया पास रखें।

ये जाँच आप खुद कर सकते हैं

1. पीछे की ड्रेन पाइप

मशीन को आगे खींचकर आउटलेट पाइप देखें। बहुत सी कॉल में पाइप मशीन के पीछे मुड़ा हुआ, दीवार से दबा हुआ, या नाली में इतना नीचे घुसा मिलता है कि उसका सिरा भरे पानी के नीचे रहता है। इनमें से कुछ भी हो तो पानी बाहर नहीं जाएगा।

पाइप का सिरा नाली के पानी के स्तर से ऊपर हो, मशीन से नीचे की ओर ढलान हो, और कहीं तीखा मोड़ न हो। तंग बाथरूम में रखी मशीन में यह हर कुछ महीने में देख लेना चाहिए।

2. ड्रेन फिल्टर

फुली ऑटोमैटिक मशीनों में नीचे सामने की तरफ एक छोटा फिल्टर या ट्रैप होता है। नीचे ट्रे रखकर उसे धीरे-धीरे खोलें। उसमें आमतौर पर बाल, रुई, पिन, सिक्के और हमारे यहाँ काफी मात्रा में धूल और बारीक रेत निकलती है।

उसे नल के नीचे साफ़ करें, रबर सील फटी तो नहीं देखें, और कसकर वापस लगाएँ। ढीला ढक्कन अगली धुलाई में लीक करेगा। इसे हर एक-दो महीने में साफ़ करते रहें।

3. कपड़ों का असंतुलन

अगर पानी निकल गया पर ड्रम हिलकर रुक जाता है, तो ढक्कन खोलकर देखें। एक भारी चादर, दरी या गीला कंबल एक तरफ इकट्ठा हो जाए तो ड्रम असंतुलित हो जाता है और मशीन खुद को बचाने के लिए स्पिन नहीं करती। कपड़े हाथ से फैलाकर दोबारा स्पिन चलाएँ।

यही दिक्कत तब भी होती है जब मशीन सीधी-समतल नहीं रखी। टेढ़ी मशीन हिलती है और समय के साथ बेयरिंग खराब कर देती है।

4. घर की नाली, मशीन नहीं

अगर पानी मशीन से निकलता है पर फर्श पर भर जाता है, तो दिक्कत बाथरूम की नाली की हो सकती है। बरसात में यह आम है। मशीन बंद करके एक बाल्टी पानी सीधे उसी नाली में डालें। अगर वह भी वापस आए तो पहले नाली खुलवाएँ।

यहाँ से आगे खुद न करें

अगर ये चारों बातें ठीक हैं और पानी फिर भी नहीं निकल रहा, तो खराबी अंदर है। आगे का काम मेन वोल्टेज, कैपेसिटर और नाज़ुक पुर्ज़ों से जुड़ा है — यहाँ रुक जाएँ।

ड्रेन पंप

फुली ऑटोमैटिक मशीन में एक छोटा पंप पानी बाहर धकेलता है। खराब होने पर या तो गुनगुनाहट आती है और पानी नहीं हिलता — अक्सर सिक्के या कपड़े से इम्पेलर जाम होता है — या ड्रेन के वक्त बिल्कुल सन्नाटा रहता है, जिसका मतलब पंप मोटर जल गई। जाम इम्पेलर कभी-कभी खुल जाता है, जला पंप बदलना पड़ता है।

ढक्कन का स्विच

हर मशीन में एक सेफ्टी स्विच होता है जो बोर्ड को बताता है कि ढक्कन बंद है। वह स्विच या उसका प्लास्टिक कैच टूट जाए तो मशीन भरेगी और धोएगी पर स्पिन कभी नहीं करेगी। यह आम और सीधा रिपेयर है। इसे बायपास कभी न कराएँ — यही एक चीज़ घूमते ड्रम और आपके हाथ के बीच खड़ी है।

सेमी ऑटोमैटिक में बेल्ट

सेमी ऑटोमैटिक यानी दो टब वाली मशीन अलग तरह से चलती है। उसमें ज़्यादातर ड्रेन पंप होता ही नहीं — पानी ढलान से पाइप और सेलेक्टर नॉब के रास्ते निकलता है। इसलिए वहाँ ड्रेन की खराबी का मतलब है जाम पाइप, घिसा सेलेक्टर, या नॉब गलत जगह रह जाना।

स्पिन टब रबर बेल्ट और अलग मोटर से चलता है। बेल्ट ढीली या टूटी हो तो टब गुनगुनाता है, धीरे घूमता है या घूमता ही नहीं। बेल्ट घिसने वाला पुर्ज़ा है और बदलना सामान्य काम है। दूसरी आम खराबी स्पिन टब का ब्रेक या क्लच है।

मोटर और कंट्रोल बोर्ड

ये महँगी खराबियाँ हैं। जली मोटर, खराब बोर्ड या सर्ज से खराब वायरिंग — यहीं से यह सवाल शुरू होता है कि रिपेयर कराना है या मशीन बदलनी है। जिस पुरानी मशीन में बेयरिंग, पंप और बोर्ड पहले ही बदल चुके हों, उसमें मोटर पर फिर खर्च करना अक्सर ठीक नहीं होता — और हम यह साफ़ कह देते हैं।

सावधानी: घूमते ड्रम में कभी हाथ न डालें, और लिड स्विच बायपास कराकर या अर्थिंग हटाकर मशीन कभी न चलाएँ। वॉशिंग मशीन गीले फर्श पर रखी होती है और घर के उन गिने-चुने उपकरणों में है जिन्हें आप नंगे पैर और गीले हाथ से छूते हैं।

ये खराबियाँ होती क्यों हैं

  • ज़रूरत से ज़्यादा डिटर्जेंट। ज़्यादा झाग लेवल सेंसर को भ्रमित करता है और ड्रेन धीमा करता है। कठोर पानी की वजह से लोग पाउडर और बढ़ा देते हैं।
  • जेब खाली न करना। सिक्के और चाबियाँ सीधे पंप में जाती हैं।
  • बहुत धूल भरे कपड़े बिना झाड़े धोना। जीटी रोड की बारीक धूल सम्प और पाइप में जम जाती है।
  • कम और ऊपर-नीचे होता वोल्टेज। कम वोल्टेज पर मोटर ज़ोर लगाती है और गरम होती है।
  • ठूँस-ठूँसकर कपड़े भरना। भरा ड्रम संतुलित नहीं होता, कपड़े साफ़ भी नहीं होते और बेयरिंग पर ज़ोर पड़ता है।

हमें कब बुलाएँ

पाइप, फिल्टर, कपड़ों का भार और घर की नाली देख लेने के बाद भी पानी न निकले या स्पिन न हो, तो विज़िट बुक करें। फोन पर बता दें कि मशीन सेमी ऑटोमैटिक है या फुली ऑटोमैटिक, टॉप लोड है या फ्रंट लोड, और ड्रेन के वक्त वह करती क्या है — इससे टेक्नीशियन सही पुर्ज़े साथ लाता है और दूसरी बार आना नहीं पड़ता।

वॉशिंग मशीन रिपेयर और सर्विस के दाम रेट लिस्ट पर हैं, GST अलग से। कोई पुर्ज़ा लगेगा तो उसका नाम और असली कीमत लगाने से पहले बताई जाती है, और हर काम का बिल मिलता है। हम क्या-क्या करते हैं, यह सेवाएँ पेज पर है।

हम सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन, बिक्रमगंज, नोखा और दाउदनगर में काम करते हैं; पूरी सूची सेवा क्षेत्र पेज पर है। ऑनलाइन बुकिंग पर एक घंटे के भीतर कॉलबैक मिलता है, या सुबह 8:00 से शाम 6:30 के बीच +91 96315 11974 पर फोन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ज़्यादातर मामलों में आउटलेट पाइप मुड़ा होता है या नाली में बहुत नीचे घुसा होता है, या ड्रेन फिल्टर रुई, बाल और सिक्कों से जाम होता है। मशीन को सॉकेट से बंद करके दोनों जाँचें। अगर पाइप सीधा और फिल्टर साफ़ होने पर भी पानी रुके, तो आमतौर पर ड्रेन पंप खराब है और उसके लिए टेक्नीशियन चाहिए।

तीन आम कारण हैं। पानी पूरा नहीं निकला, इसलिए स्पिन शुरू ही नहीं होता। कपड़े एक तरफ इकट्ठे हैं और मशीन खुद को बचाने के लिए रुक गई है। या ढक्कन का सेफ्टी स्विच टूट गया है, जिससे मशीन समझती है कि ढक्कन खुला है। पहले कपड़े फैलाकर दोबारा स्पिन चलाकर देखें।

महीने में एक बार अच्छी आदत है, और कम से कम दो महीने में एक बार ज़रूरी है। धूल भरे इलाकों में और जहाँ कपड़ों पर सड़क की मिट्टी रहती है, फिल्टर जल्दी भरता है। खोलते समय नीचे ट्रे रखें, नल में धोएँ, रबर सील देखें और ढक्कन कसकर लगाएँ ताकि लीक न हो।

हाँ। ज़्यादातर सेमी ऑटोमैटिक मशीनों में ड्रेन पंप होता ही नहीं — पानी ढलान से पाइप और सेलेक्टर नॉब के रास्ते निकलता है, इसलिए जाम पाइप, घिसा सेलेक्टर या गलत जगह रखा नॉब आम कारण हैं। इनका स्पिन टब रबर बेल्ट से चलता है, इसलिए स्पिन न होने की आम वजह ढीली या टूटी बेल्ट होती है।

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