एक ही महीने खरीदी दो एक जैसी मशीनों की हालत पाँच साल में ज़मीन-आसमान का फर्क दिखा सकती है। वजह किस्मत नहीं होती — पानी, डिटर्जेंट, वोल्टेज और मशीन कहाँ रखी है, यही तय करता है।
हम बहुत सारी वॉशिंग मशीनें खोलते हैं। अंदर की हालत लगभग पूरी कहानी बता देती है कि घर ने उसे कैसे चलाया। कुछ सात-आठ साल पुरानी मशीनें साफ़ और शांत मिलती हैं और उनमें बस बेल्ट या बेयरिंग बदलनी होती है। कुछ तीन साल की मशीनों में हीटर, ड्रम और इनलेट वाल्व पर सफेद स्केल जमा मिलता है।
इसका कारण यह नहीं कि कौन सी मशीन खरीदी। ज़्यादातर फर्क कुछ आदतों का होता है। रोहतास और कैमूर में जो बातें सच में मायने रखती हैं, वे ये हैं।
सबसे बड़ा दुश्मन कठोर पानी है
रोहतास और कैमूर के कई हिस्सों का भूजल कठोर है और कई मोहल्लों में उसमें आयरन भी रहता है। इससे दो बातें होती हैं। एक, घुले हुए खनिज गर्म या खुरदरी सतहों पर स्केल बनकर जमते हैं — फ्रंट लोड मशीन का हीटिंग एलिमेंट, ड्रम, इनलेट वाल्व की जाली। दो, आयरन कपड़ों और ड्रम पर जंग जैसे दाग छोड़ता है, जिसका दोष लोग मशीन को देते हैं।
स्केल चुपचाप नुकसान करता है। वह किसी एक दिन कुछ नहीं तोड़ता। धीरे-धीरे हीटर पर चढ़ता है, मशीन को गरम होने में ज़्यादा समय और ज़्यादा बिजली लगती है, और एक दिन एलिमेंट जल जाता है। ड्रम की सील में जमी स्केल और रेत सील की उम्र घटाती है और आगे चलकर बेयरिंग की भी।
पानी बदला नहीं जा सकता, पर संभाला जा सकता है:
- महीने में एक बार ड्रम क्लीन करें, दिक्कत आने का इंतज़ार न करें।
- बेवजह गरम पानी वाली धुलाई न चलाएँ; गरम पानी में स्केल तेज़ी से जमता है।
- अगर सप्लाई में आयरन साफ़ दिखता है, तो इनलेट लाइन पर एक साधारण सेडिमेंट फिल्टर किसी भी पाउडर या केमिकल से ज़्यादा काम का है।
डिटर्जेंट: लगभग सब ज़्यादा डालते हैं
यह सबसे आम गलती है, और कठोर पानी इसे और बढ़ाता है, क्योंकि कठोर पानी में झाग कम बनता है तो लोग और पाउडर डाल देते हैं। झाग सफाई का पैमाना नहीं है।
ज़्यादा डिटर्जेंट तीन नुकसान करता है। वह पूरा धुल कर निकलता नहीं, इसलिए कपड़ों और ड्रम पर रह जाता है। यही बचा हुआ अंश दरवाज़े की सील और डिटर्जेंट ड्रॉअर में काली-चिपचिपी परत को पालता है। और ज़्यादा झाग फुली ऑटोमैटिक मशीन के वॉटर लेवल सेंसर को भ्रमित करके ड्रेन धीमा कर देता है।
लोड और कठोर पानी के हिसाब से लिखी मात्रा ही डालें। अगर सूखने के बाद कपड़े अकड़े लगें या साबुन जैसी हल्की गंध आए, तो मात्रा ज़्यादा है। डिटर्जेंट मशीन के हिसाब से भी चुनें — फ्रंट लोड में कम झाग वाला पाउडर चाहिए; उसमें आम पाउडर डालने से वही ओवरफ्लो और ड्रेन की दिक्कतें आती हैं।
जो रोज़मर्रा की देखभाल सच में काम आती है
महीने की ड्रम सफाई
महीने में एक बार मशीन को बिना कपड़े और बिना डिटर्जेंट के सबसे गरम या सबसे लंबे साइकिल पर खाली चलाएँ, और उसमें मशीन क्लीनिंग सैशे या सादा सफेद सिरका डालें। शुरू करने से पहले दो जगहें ज़रूर पोंछें:
- दरवाज़े की रबर सील — फ्रंट लोड में उसकी तह को धीरे से पलटकर साफ़ करें। उसी तह में पानी, रुई, बाल और साबुन रुकता है, और मशीन की बदबू वहीं से शुरू होती है।
- डिटर्जेंट ड्रॉअर — पूरा बाहर निकालकर नल में धोएँ और उसकी खाँचे वाली जगह भी साफ़ करें।
साथ में ड्रेन फिल्टर भी साफ़ कर लें — वही काम जो हमारे ब्लॉग में पानी न निकलने वाले लेख में बताया है। महीने के पंद्रह मिनट ज़्यादातर शिकायतें आने ही नहीं देते।
समतल रखना और जगह
मशीन समतल और मज़बूती से खड़ी होनी चाहिए। स्पिन में ड्रम तेज़ घूमता है, और अगर फर्श ऊँचा-नीचा है या मशीन पतले लकड़ी के पटरे पर रखी है तो वह हिलती और पटकती है। यही कंपन बेयरिंग खराब करता है और कंट्रोल बोर्ड के जोड़ ढीले करता है।
हर कोने को दबाकर देखें; हिले तो पेंच वाले पैर घुमाकर बराबर करें। मशीन के पीछे थोड़ी जगह भी छोड़ें ताकि आउटलेट पाइप दीवार से न दबे।
इनलेट की तरफ
जहाँ से पानी अंदर आता है, वहाँ इनलेट वाल्व में एक छोटी जाली होती है। हमारी सप्लाई में उसमें रेत, कचरा और आयरन जम जाता है, और जाम होने पर मशीन धीरे भरती है या फिलिंग एरर दिखाती है — जिसे लोग वाल्व खराब होना समझ लेते हैं।
नल बंद करें, मशीन की तरफ से इनलेट पाइप खोलें, जाली निकालकर धोएँ और वापस लगाएँ। मशीन न चले तो इनलेट नल बंद रखें, खासकर घर से बाहर जाते समय।
वोल्टेज और बिजली कटौती
यह बात हमारे यहाँ ज़्यादा मायने रखती है। शाम को सप्लाई गिरती है और कट के बाद झटका देकर लौटती है, और वॉशिंग मशीन में मोटर और इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड दोनों होते हैं।
- फुली ऑटोमैटिक मशीन को सही क्षमता के स्टेबलाइज़र से चलाएँ।
- सही अर्थिंग वाला तीन पिन सॉकेट इस्तेमाल करें। गीले फर्श पर बिना अर्थिंग वाली मशीन सच में करंट का खतरा है।
- बरसात के तूफान में मशीन न चल रही हो तो प्लग निकाल दें। बिजली की चमक से आया सर्ज बोर्ड जला देता है।
जो सबसे महँगा पड़ता है: फुली ऑटोमैटिक मशीन को बिना अर्थिंग और बिना स्टेबलाइज़र चलाना। यह कंट्रोल बोर्ड जलाने का सबसे छोटा रास्ता है, और बेल्ट या पंप के उलट बोर्ड की खराबी अक्सर यह तय कर देती है कि मशीन रखने लायक बची भी है या नहीं।
बरसात, सीलन और बदबू
जून के अंत से सितंबर तक यहाँ की हवा कुछ भी नहीं सुखाती। इसी समय मशीनों में बदबू आने लगती है और कपड़े ड्रम से ही सीलन भरे निकलते हैं।
उपाय आसान हैं। दो धुलाइयों के बीच दरवाज़ा या ढक्कन खुला छोड़ें ताकि ड्रम सूखे। डिटर्जेंट ड्रॉअर थोड़ा बाहर खींच दें। साइकिल खत्म होते ही कपड़े निकाल लें, रात भर पड़े न रहने दें। बिना खिड़की वाले बाथरूम में हवा का रास्ता रखें, वरना सीलन मशीन का बाहरी ढाँचा भी जंग खाता है।
मशीन की उम्र क्या घटाता है
- ड्रम ठूँसकर भरना — सफाई खराब, संतुलन खराब, बेयरिंग पर ज़ोर।
- बहुत मिट्टी या रेत वाले कपड़े बिना झाड़े धोना।
- जेब में सिक्के, पिन और चाबियाँ छोड़ देना।
- स्पिन में खटखट या घिसने की आवाज़ अनसुनी करना — यह आमतौर पर बेयरिंग होती है और जल्दी पकड़ने पर सस्ती पड़ती है।
- जाम दरवाज़ा ज़ोर लगाकर खींचना।
- कुछ बिगड़ने तक सर्विस बिल्कुल न कराना।
सर्विस कब कराएँ
रोज़ चलने वाली मशीन के लिए साल में एक जाँच ठीक है, और सही समय दिवाली-छठ से पहले का है, जब घर की सफाई वैसे भी होती है और उसके बाद हर टेक्नीशियन व्यस्त हो जाता है। सर्विस में ज़रूरत हो तो डीस्केलिंग, फिल्टर, इनलेट जाली, पाइप, समतल करना, बेल्ट-बेयरिंग की हालत और बिजली के कनेक्शन देखे जाते हैं।
मौजूदा दाम रेट लिस्ट पर हैं, GST अलग से, और कोई पुर्ज़ा लगे तो नाम और वजह बताकर असली कीमत पर बिल में जोड़ा जाता है। हम क्या-क्या करते हैं यह सेवाएँ पेज पर है, या संपर्क करके पूछ लें।
हम सासाराम, भभुआ, मोहनिया, कुदरा और औरंगाबाद समेत कई कस्बों में वॉशिंग मशीन सर्विस करते हैं — रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद में जहाँ संभव हो उसी दिन, बाकी जगह तय समय पर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लगभग हमेशा डिटर्जेंट की परत और सीलन की वजह से। ज़्यादा पाउडर ड्रम, दरवाज़े की सील और ड्रॉअर पर चिपकी परत छोड़ता है, और बरसात में वह सूखता ही नहीं। महीने में एक बार क्लीनिंग सैशे या सफेद सिरके के साथ खाली गरम साइकिल चलाएँ, रबर सील की तह पोंछें, ड्रॉअर धोएँ और धुलाई के बीच दरवाज़ा खुला रखें।
हाँ, समय के साथ। कठोर पानी हीटिंग एलिमेंट, ड्रम और इनलेट जाली पर स्केल जमा देता है, जिससे मशीन पर ज़ोर पड़ता है और आगे चलकर एलिमेंट जल जाता है। आयरन वाला पानी कपड़ों और ड्रम पर दाग भी छोड़ता है। सप्लाई बदली नहीं जा सकती, पर महीने की ड्रम सफाई, कम गरम धुलाई और इनलेट पर सेडिमेंट फिल्टर काफी मदद करते हैं।
यहाँ ज़्यादातर घरों में रखना ठीक रहता है, खासकर इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड वाली फुली ऑटोमैटिक मशीन के लिए। शाम को सप्लाई गिरती है और कट के बाद झटके से लौटती है, और कम वोल्टेज पर मोटर गरम चलती है। उतना ही ज़रूरी है सही अर्थिंग वाला तीन पिन सॉकेट, क्योंकि मशीन गीले फर्श पर रखी होती है।
पैकेट पर लोड और कठोर पानी के लिए लिखी मात्रा ही डालें, उससे ज़्यादा नहीं। झाग सफाई का पैमाना नहीं है। अगर सूखने के बाद कपड़े अकड़े लगें या साबुन की हल्की गंध आए, तो मात्रा घटाएँ। फ्रंट लोड मशीन में कम झाग वाला डिटर्जेंट चाहिए; उसमें आम पाउडर डालने से ड्रेन और ओवरफ्लो की दिक्कत होती है।
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