राधे एंटरप्राइजेज, कैलाश नगर, मीको, भूत बंगला रेस्टोरेंट के सामने, सासाराम, रोहतास, बिहार – 821115

बारिश से पहले प्लंबिंग: लीक पकड़ें, सीलन रोकें

बरसात में दीवार की सीलन कभी फटे पाइप की होती है, कभी छत की। दीवार तोड़ने से पहले यह पहचानना सबसे ज़्यादा पैसा बचाता है — और पहली तेज़ बारिश से पहले की कुछ जाँचें बाकी बचा लेती हैं।

बारिश शुरू होते ही सासाराम और भभुआ में प्लंबिंग की शिकायतें लगभग दोगुनी हो जाती हैं, और उनमें से आधी असल में प्लंबिंग की होती ही नहीं। कमरे की दीवार पर सीलन फैलती दिखती है, लोग मान लेते हैं कि पाइप फट गया, और जब तक हम पहुँचते हैं तब तक प्लास्टर उतर चुका होता है।

बरसात में सबसे काम की समझ यही है कि बाहर से आ रहा पानी और अंदर से निकल रहा पानी अलग-अलग पहचाने जाएँ। हथौड़ा उठाने से पहले यह तय कर लें।

सीलन है या लीकेज — पहचान कैसे करें

दीवार पर दोनों एक जैसे दिखते हैं, पर काम बिल्कुल अलग होता है।

लीकेज आपकी अपनी पाइप लाइन से होता है। यह सूखे मौसम में भी रहता है, धब्बे का आकार लगभग एक जैसा रहता है, और अक्सर बाथरूम, रसोई, टंकी या दीवार में गई सप्लाई लाइन के पास होता है। धब्बा गर्म लगे तो गर्म पानी की लाइन शामिल है।

सीलन बाहर से आती है। बारिश के बाद बढ़ती है और खुले मौसम में सूख जाती है, अक्सर बाहरी दीवार पर ऊपर की ओर, छत के जोड़ पर या खिड़की के चारों ओर से शुरू होती है, या फर्श से ऊपर चढ़ती है। रंग का उखड़ना और नमक की सफेदी इसी की निशानी है।

आसान जाँच — घर के सारे नल बंद करें, पंप बंद रखें और दो-तीन घंटे पानी न चलाएँ। इतने में धब्बा बढ़े तो दिक्कत आपकी लाइन में है। कुछ न बदले तो बाहर देखें।

पानी और बिजली साथ हों तो: अगर लीक स्विचबोर्ड, सॉकेट, लाइट या पंप के स्टार्टर तक पहुँच गया है, तो सबसे पहले उस सर्किट को मेन बोर्ड से बंद करें और भीगी फिटिंग को हाथ न लगाएँ। लीक के पास पंप या गीज़र हो तो पहले इलेक्ट्रीशियन चाहिए, प्लंबर बाद में। गीली फर्श पर खड़े होकर पंप की बिजली का काम कभी न करें।

घर तोड़े बिना छुपा लीक पकड़ना

1. सब बंद करके मीटर या टंकी देखें

सारे नल और उपकरण बंद करें। मीटर है तो रीडिंग नोट करें और एक घंटे बाद दोबारा देखें। टंकी से चलता है तो पानी के स्तर पर टेप लगा दें। बिना कुछ चलाए स्तर गिरे तो कहीं पानी निकल रहा है।

2. घर को हिस्सों में बाँटें

ऊपर की मंज़िल, बाथरूम, रसोई या बाहर की लाइन के लिए अलग वाल्व हों तो एक-एक करके बंद करें और जाँच दोहराएँ। जिस हिस्से को बंद करने पर पानी घटना रुके, लीक उसी में है। सबसे ज़्यादा तोड़फोड़ यही कदम बचाता है।

3. आसान जगहें पहले देखें

टंकी का पेंदा और उसका आउटलेट जोड़, पंप और फुट वाल्व, गीज़र के पीछे के जोड़, बेसिन और सिंक के नीचे के कनेक्शन, और फ्लश टंकी का इनलेट। पाइप कम फटते हैं, जोड़ ज़्यादा टूटते हैं।

4. सुनें और छूकर देखें

रात में घर शांत हो तो दीवार के भीतर दबाव वाले लीक की हल्की सिसकारी सुनाई देती है। दीवार के निचले हिस्से पर हाथ फेरें — सबसे ठंडी और नम जगह आमतौर पर लीक के सबसे पास होती है।

5. अंदाज़े पर दीवार न तोड़ें

अगर जाँच छुपी लाइन की ओर इशारा करे, तो सबसे गीली जगह का प्लास्टर उखाड़ने के बजाय प्लंबर बुलाएँ। पानी पाइप के साथ और फर्श के नीचे दूर तक जाता है, इसलिए गीला धब्बा अक्सर असली टूट से दूर होता है। गलत दीवार तोड़ना महँगा पड़ता है।

टपकता नल और घिसा वॉशर

टपकते नल में आमतौर पर वॉशर घिसा होता है या सीट खराब — यह सबसे सस्ती मरम्मत में से है। ध्यान देने की वजह यह है कि टपकना दिन-रात चलता है, और बोरिंग वाले घर में पंप भी ज़रूरत से ज़्यादा बार चालू होता है।

रोहतास और कैमूर का कठोर पानी नल के अंदरूनी हिस्सों पर भारी पड़ता है। खनिज जमकर सीट खुरच देते हैं, इसलिए नया वॉशर कुछ हफ्ते चलकर फिर टपकने लगता है। ऐसे में सीट ठीक करानी होगी या नल बदलना होगा — बुरी तरह घिसे नल में बार-बार वॉशर बदलवाना पैसे की बर्बादी है, और हम यह साफ़ बता देते हैं।

फर्श की नाली, छत के आउटलेट और पहली तेज़ बारिश

  • छत और बालकनी के हर आउटलेट से पत्ते, मिट्टी और प्लास्टिक हटाएँ। एक बंद आउटलेट पूरी छत पर पानी भर देता है और वह नीचे के कमरे में उतरता है।
  • बाथरूम और रसोई की नाली की जाली उठाकर नीचे जमा बाल, चिकनाई और कीचड़ साफ़ करें।
  • आँगन की नाली सच में घर से दूर बह रही है या नहीं, यह देखें।
  • गेट या आँगन की देहरी के नीचे पानी निकलने का रास्ता खुला रखें।
  • छत का ढलान देखें — बारिश के बाद किसी कोने में पानी ठहरता हो तो वह कोना एक दिन अंदर दिखेगा।
  • एसी की ड्रेन पाइप बाहर खुले में गिरे, दीवार या कोने में नहीं।

यह काम सीज़न की पहली तेज़ बारिश से पहले करें, बाद में नहीं।

टंकी का ओवरफ्लो और फ्लोट वाल्व

बाहरी दीवार की सीलन का एक बहुत आम कारण ओवरफ्लो करती टंकी है, और लोग इन दोनों को जोड़ नहीं पाते। ओवरफ्लो पाइप का पानी दीवार पर बहता है, प्लास्टर के रास्ते चलता है, और अंदर उस कमरे में धब्बा उभरता है जहाँ कोई पाइप है ही नहीं।

वजह अक्सर फ्लोट वाल्व होती है। कठोर पानी और रेत से वह अटक जाता है, रबर घिस जाता है, और टंकी साफ़ करते समय डंडी मुड़ जाती है। देखें कि टंकी भरने पर वाल्व पूरी तरह बंद होता है, फ्लोट में पानी तो नहीं भर गया, और ओवरफ्लो पाइप दीवार से हटकर गिरता है या नहीं।

टंकी खुली हो तो ढक्कन भी देख लें। बरसात भर खुली टंकी में कीड़े, पत्ते और छत की गंदगी जाती है — यह सेहत की बात है, सिर्फ़ प्लंबिंग की नहीं। साल में एक बार, बारिश से पहले सफाई करा लें।

जब दिक्कत पंप की हो

बरसात की कई प्लंबिंग दिक्कतों का दोष पंप पर जाता है, कभी-कभी ठीक ही। चलता है पर पानी नहीं देता — तो आमतौर पर प्राइम छूट गया है, फुट वाल्व या सक्शन का जोड़ लीक है, या कहीं से हवा खींच रहा है। बार-बार चालू-बंद होता है तो डिलीवरी लाइन में लीक या प्रेशर स्विच की खराबी हो सकती है।

बरसात में भूजल का स्तर बदलता है, और नोखा तथा कुदरा के कई घरों में मई में परेशान करने वाला बोर अगस्त में अलग बर्ताव करता है। जो नहीं बदलता वह है पंप की बिजली तक नमी पहुँचने का खतरा। पंप सप्लाई गिराए, गुनगुनाकर रह जाए या हल्का झटका दे — तो बंद रखें और ठीक से जँचवाएँ।

घर में सीवर की गंध

अंदर नाली की गंध का मतलब लगभग हमेशा यह होता है कि कहीं पानी की सील टूट गई है। कम इस्तेमाल वाले बाथरूम की नाली का ट्रैप सूख गया, या किसी पुरानी मरम्मत में ट्रैप निकाल दिया गया, या वेंट बंद होने से हर फ्लश पर सील खिंच जाती है।

पहले आसान इलाज — हर कम इस्तेमाल वाली नाली और बेसिन में एक बाल्टी पानी डालें ताकि ट्रैप भर जाए। अगर गंध एक-दो दिन में लौट आए, या ऊपर की मंज़िल का कुछ चलाते ही आए, तो वेंट या ट्रैप की असली दिक्कत है जिसे दिखवाना चाहिए।

तेज़ बारिश में गंध का अचानक बढ़ जाना बाहर की लाइन भर जाने का संकेत भी हो सकता है — वह घर के अंदर की नहीं, निकासी की समस्या है।

कब दिखवाएँ

लीक अपने आप ठीक नहीं होते, और प्लास्टर के पीछे का धीमा लीक उस तेज़ फटाव से ज़्यादा नुकसान करता है जो सबको दिख जाता है। सीलन फैल रही हो तो छोटी रहते ही पकड़वा लें।

हमारे प्लंबिंग के काम सेवाएँ पेज पर हैं और मौजूदा दाम रेट लिस्ट पर — हर जगह एक जैसे, GST अलग से, स्पेयर पार्ट्स बताकर असल दाम पर, 5 किलोमीटर से आगे यात्रा शुल्क, और हर काम का बिल।

हम सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन, नोखा, मोहनिया, भभुआ और दाउदनगर में प्लंबिंग करते हैं; पूरी सूची सेवा क्षेत्र पेज पर है। रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद में उसी दिन विज़िट, बाकी जगह समय तय करके। +91 96315 11974 पर सुबह 8:00 से शाम 6:30 के बीच, सप्ताह के किसी भी दिन फोन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सारे नल बंद करें, पंप बंद रखें और दो-तीन घंटे पानी न चलाएँ। इतने में धब्बा बढ़े तो दिक्कत आपकी पाइप लाइन में है। बाहर की सीलन अलग बर्ताव करती है — बारिश के बाद बढ़ती है, खुले मौसम में सूखती है, आमतौर पर बाहरी दीवार या छत के जोड़ से शुरू होती है और रंग उखाड़कर नमक की सफेदी छोड़ती है।

आमतौर पर फ्लोट वाल्व पूरी तरह बंद नहीं हो रहा। कठोर पानी और रेत से वह अटक जाता है, रबर घिस जाता है, या टंकी साफ़ करते समय डंडी मुड़ जाती है। देखें कि टंकी भरने पर वह ठीक से बंद होता है और फ्लोट में पानी तो नहीं भरा। ओवरफ्लो पाइप दीवार से हटकर गिरे, वरना अंदर सीलन आती है।

छत और बालकनी के हर आउटलेट से पत्ते-मिट्टी हटाएँ, बाथरूम और रसोई की नालियों के ट्रैप साफ़ करें, आँगन की नाली घर से दूर बह रही है यह देखें, छत पर बारिश के बाद पानी ठहरता तो नहीं यह जाँचें, और एसी की ड्रेन बाहर गिरती है यह पक्का करें। एक घंटे का यह काम बरसात की ज़्यादातर सीलन रोक देता है।

लगभग हमेशा पानी की सील टूटने से। कम इस्तेमाल वाले बाथरूम में नाली का ट्रैप सूख जाता है, या किसी पुरानी मरम्मत में ट्रैप निकल गया, या वेंट बंद होने से हर फ्लश पर सील खिंच जाती है। पहले हर बंद पड़ी नाली में एक बाल्टी पानी डालें। गंध एक-दो दिन में लौट आए तो ट्रैप और वेंट की जाँच कराएँ।

इसमें मदद चाहिए?

सासाराम, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद में घर पर टेक्नीशियन बुक करें। दाम पहले से तय, हर काम का बिल।

+91 96315 11974
हम यहाँ सेवा देते हैं: नुआंव · औरंगाबाद · मदनपुर · बक्सर · बिहटा · डेहरी-ऑन-सोन · सभी क्षेत्र

आगे पढ़ें