राधे एंटरप्राइजेज, कैलाश नगर, मीको, भूत बंगला रेस्टोरेंट के सामने, सासाराम, रोहतास, बिहार – 821115

छठ से पहले घर की तैयारी: काम की चेकलिस्ट

छठ दिवाली के कुछ ही दिन बाद आता है — घर भरा हुआ, पानी की खपत ज़्यादा और रसोई पूरी क्षमता पर। एक हफ्ता पहले क्या-क्या ठीक करा लेना चाहिए, यह रही सूची।

छठ दिवाली के कुछ ही दिन बाद आता है। घर की पूरी सफाई अभी-अभी हुई होती है, सब थके रहते हैं, और फिर रिश्तेदार आते हैं, पानी की खपत दोगुनी हो जाती है, रसोई घंटों चलती है और छत तथा आँगन साल भर में पहली बार इतने काम के हो जाते हैं।

यह लेख सिर्फ घर के बारे में है — पानी, निकासी, बिजली, रसोई और बाहर की जगहें। पूजा कैसे करनी है, यह आपके परिवार और बड़ों का विषय है और उस पर किसी सेवा कंपनी को कुछ कहने की ज़रूरत नहीं। हम सिर्फ इतना बता सकते हैं कि इन चार दिनों में घर का कौन सा हिस्सा आमतौर पर जवाब दे देता है और उसे पहले कैसे रोका जाए।

दो दिन पहले नहीं, एक हफ्ता पहले शुरू करें

छठ से पहले वाला हफ्ता सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन या बिक्रमगंज में प्लंबर या इलेक्ट्रीशियन ढूँढने का सबसे कठिन समय होता है। सबको एक ही तीन दिनों में वही काम कराने होते हैं। जो दिक्कत मंगलवार को दिखे और आराम से ठीक हो जाए, वही खरना की सुबह पता चले तो मुसीबत बन जाती है।

इसलिए सीधी सलाह यही है — एक हफ्ता पहले कागज़-कलम लेकर पूरा घर घूम लें, जो खराब है लिख लें, और जिसके बिगड़ने से सबसे ज़्यादा परेशानी होगी उसे पहले ठीक कराएँ।

सबसे पहले पानी

छठ पानी के आसपास का पर्व है, और मेहमानों से भरे घर में पानी की खपत कई गुना बढ़ जाती है। इन दिनों सबसे ज़्यादा परेशानी पानी से ही होती है।

ऊपर की टंकी

अगर पिछले छह महीने में टंकी साफ नहीं हुई तो अभी करा लें। बरसात भर तलछट नीचे जमती रहती है, और रोहतास-कैमूर के जिन हिस्सों में पानी में आयरन है वहाँ यह परत भारी और लाल-सी होती है। ज़्यादा खपत में टंकी जब नीचे तक खाली होने लगती है, वही परत नल में आती है।

टंकी खुली हो तब ढक्कन की सील भी देख लें कि कहीं कीड़े या पत्ते जाने की जगह तो नहीं।

मोटर और सप्लाई

अक्टूबर में जो मोटर थोड़ी कमज़ोर लगे, वही व्यस्त सुबह में बंद पड़ती है। देखें कि मोटर पानी खींचने में ज़्यादा समय तो नहीं ले रही, गर्म तो नहीं हो रही, कोई नई आवाज़ तो नहीं आ रही। फुट वाल्व भी जाँचें — अगर रातभर में टंकी का पानी वापस उतर जाता है तो वाल्व लीक कर रहा है।

और पानी का असली रिज़र्व रखें। बिजली जाना आम है, इसलिए तय समय पर टंकी भरना और ड्रम में अतिरिक्त पानी रखना ज़्यादा सावधानी नहीं, बस समझदारी है।

नल, लीकेज और निकासी

टपकते नल और धीमी निकासी अभी ठीक कराएँ। चार लोगों के साथ जो नाली धीमी है, बारह लोगों के साथ वही जाम हो जाती है। आँगन और छत के निकासी छेद से बरसात की गाद और पत्ते हटा दें, क्योंकि यही सतहें सबसे ज़्यादा धुलेंगी।

यह काम न टालें: अगर बरसात से पहले के बाद टंकी साफ नहीं हुई है, तो मेहमान आने से पहले सफाई कराएँ, बाद में नहीं। घर की हर दूसरी पानी की दिक्कत झेली जा सकती है, पर बारह लोगों के घर में तलछट भरी टंकी नहीं।

कौन सी सफाई यहाँ सच में काम की है

दिवाली की सफाई ठीक से हुई हो तो घर काफी हद तक तैयार होता है। छठ से पहले ध्यान उन जगहों पर चाहिए जिन्हें दिवाली में कोई नहीं देखता — क्योंकि अब वही सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होंगी।

  • छत — बरसात के बाद काई की हरी परत जम जाती है जो गीली होने पर बहुत फिसलन भरी होती है। अच्छी तरह रगड़कर साफ करें, मुंडेर और निकासी भी देखें।
  • आँगन और घर का रास्ता — गेट, सीढ़ियाँ, सामने की दीवार, गली की ओर का हिस्सा।
  • छत की सीढ़ियाँ — अक्सर सबसे धूल भरी और इन दिनों सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली जगह।
  • बाथरूम — सामान्य से कई गुना इस्तेमाल होंगे। नलों की परत उतरवाएँ और सभी फ्लश जाँच लें।
  • बर्तन और पात्र — साल भर से रखे बड़े बर्तन, ड्रम और डिब्बे सिर्फ खंगालने से नहीं, धोकर सुखाने से तैयार होते हैं।

रसोई पर बोझ ज़्यादा पड़ेगा

  • गैस कनेक्शन, रेगुलेटर और रबर पाइप जाँच लें। कड़ा पड़ चुका या ऊपर से फटा पाइप लगातार पकाने वाले दिन से पहले बदलवाएँ, उस दिन नहीं।
  • चिमनी या एग्ज़ॉस्ट फैन साफ कराएँ। जाम फिल्टर के साथ घंटों तलने से पूरा नीचे का हिस्सा चिकना और धुँआ भरा हो जाता है।
  • रसोई में रोशनी अच्छी रखें। बहुत सा काम भोर से पहले और अंधेरे के बाद होता है, और काम की जगह पर एक मद्धिम बल्ब धीमा भी है और असुरक्षित भी।
  • प्लेटफॉर्म और रखने की जगह पहले से खाली कर लें। इन दिनों रसोई में भीड़ रहती है, तब पुराने डिब्बे हटाने का समय नहीं मिलता।
  • फ्रिज की ठंडक और उसका ड्रेन देख लें — वह भरा रहेगा और बार-बार खुलेगा।

घर भरने से पहले बिजली की जाँच

अतिरिक्त लाइटें, अतिरिक्त पंखे, लगातार चलता फ्रिज और ज़्यादा चार्जिंग — यह सब उसी पुरानी वायरिंग पर पड़ता है। ऊपर से रोहतास में शाम के समय वोल्टेज का उतार-चढ़ाव।

  • छत और आँगन की रोशनी खास तौर पर देखें। यही जगहें सुबह चार बजे इस्तेमाल होंगी, और गीली सीढ़ी पर कमज़ोर बल्ब सच में खतरा है।
  • बाहर का कोई भी सॉकेट, तार या फिटिंग ठीक से ढका और पानी की पहुँच से दूर होना चाहिए। जहाँ पानी ले जाया जा रहा हो वहाँ दीवार पर टेप से चिपकी अस्थायी वायरिंग किसी हाल में ठीक नहीं।
  • MCB सही से ट्रिप करता है या नहीं देखें। जो स्विच या सॉकेट छूने पर गर्म लगे, वह कुछ बता रहा है।
  • स्टेबलाइज़र या इन्वर्टर है तो अभी लोड डालकर जाँच लें, बाद में मान लेने से नहीं।
  • गीले फर्श या अंधेरे में चलने के रास्ते पर लंबा एक्सटेंशन बोर्ड न बिछाएँ।

इस समय इलेक्ट्रीशियन का काम छोटा ही होता है। हमारी सेवाओं की सूची में बिजली, प्लंबिंग, टंकी सफाई और सफाई सब शामिल है, और मौजूदा दाम रेट लिस्ट पर हैं, GST अलग से।

आखिरी दो दिन की छोटी सूची

  1. टंकी भरें और जाँचें, ड्रम भी भर लें।
  2. छत और आँगन धोकर सूखने दें।
  3. जो भी लाइट-पंखा इस्तेमाल होगा, बाहर वाले समेत, सब चलाकर देख लें।
  4. सिलेंडर कितना बचा है देखें और दूसरा सामने रखें।
  5. रात में चलने के रास्ते साफ करें — कोई ढीला तार, बाल्टी या रुकावट न रहे।
  6. टॉर्च और चार्ज किया पावर बैंक ऐसी जगह रखें जहाँ सबको मिल जाए।

फिर भी कुछ बिगड़ जाए तो

इन दिनों पानी, नाली या बिजली की दिक्कत में बड़ा काम नहीं, जल्दी पहुँचना चाहिए होता है। हम सोमवार से रविवार, सुबह 8:00 से शाम 6:30 तक खुले हैं — +91 96315 11974 पर या संपर्क पेज से बुला सकते हैं। रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद जिलों में — सासाराम, मोहनिया, भभुआ, कुदरा और दाउदनगर समेत — उसी दिन पहुँचते हैं; इन जिलों से बाहर विज़िट समय तय करके होती है। पूरी सूची सेवा क्षेत्र पेज पर है।

पर बेहतर योजना वही उबाऊ वाली है — एक हफ्ता पहले घर घूम लें, छोटी चीज़ें समय रहते ठीक करा लें, और चार दिन बिना किसी को फोन किए निकल जाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

करीब एक हफ्ता पहले। आखिरी तीन दिनों में रोहतास भर के प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और सफाई टीम पूरी तरह भरे रहते हैं, इसलिए जिस काम में टेक्नीशियन चाहिए वह पहले ही पकड़कर ठीक करा लें। आखिरी दो दिन मरम्मत के नहीं, पानी भरने, छत-आँगन धोने और लाइट जाँचने के रखें।

अगर पिछले छह महीने में सफाई नहीं हुई तो हाँ। बरसात भर तलछट जमती है, और रोहतास-कैमूर के आयरन वाले पानी में यह परत भारी होती है। घर भरा हो तो टंकी बार-बार नीचे तक खाली होती है, और तभी जमी हुई परत नल तक पहुँचती है। ढक्कन की सील भी देख लें।

जो लाइट और पंखे सच में इस्तेमाल होंगे, सब चलाकर देखें — खासकर छत, सीढ़ी और आँगन के, क्योंकि वे भोर से पहले काम आते हैं। बाहर के सॉकेट और फिटिंग ढके हों और पानी से दूर। MCB सही ट्रिप करता है या नहीं जाँचें, और गर्म लगने वाला स्विच बदलवाएँ। गीले फर्श पर एक्सटेंशन बोर्ड न बिछाएँ।

हरी परत काई होती है जो बरसात में गीली छत पर जमती है और गीली होते ही बहुत फिसलन भरी हो जाती है। इसे सिर्फ पानी डालने से नहीं, ठीक से रगड़कर साफ करना पड़ता है और फिर पूरा दिन सूखने देना चाहिए। साथ ही निकासी छेद और मुंडेर भी देख लें, दोनों में गाद और पत्ते जमते हैं।

इसमें मदद चाहिए?

सासाराम, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद में घर पर टेक्नीशियन बुक करें। दाम पहले से तय, हर काम का बिल।

+91 96315 11974
हम यहाँ सेवा देते हैं: देव · डुमरांव · जहानाबाद · बिक्रमगंज · सूरजपुरा · दावथ · सभी क्षेत्र

आगे पढ़ें